कृषि क्षेत्र की ताज़ा खबर: मंडी भाव से लेकर नई योजनाओं तक — 2026 की शुरुआत में किसानों को क्या मिला?

 

मंडी रेट और फसल भाव की स्थिति

उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में गेहूं के भाव आज ₹2,400 से ₹2,700 प्रति क्विंटल के बीच रहे, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिली है और साल की शुरुआत में मुद्रा बन रही है।  इसी तरह धान की मंडी में भी भाव स्थिर देखे गए हैंअलीगढ़ में धान ₹3,600 तक, जबकि बुलंदशहर में करीब ₹4,000 प्रति क्विंटल तक बिकने की रिपोर्ट आई है। 

इन भावों का असर सीधे किसान की आमदनी पर पड़ता है, और इस समय गेहूँ तथा धान की अच्छे दाम से कृषि अर्थव्यवस्था में उछाल की उम्मीद बनी है।

किसानों को प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक की जानकारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसान पाठशाला 8.0 के तहत 20.15 लाख से ज़्यादा किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों और सरकारी योजनाओं की ट्रेनिंग दी है। प्रशिक्षण से किसानों को नई तकनीकों, स्मार्ट खेती और बेहतर उत्पादन के तरीके सीखने का मौका मिलता है, जिससे उनकी उपज और आमदनी दोनों बढ़ सकती हैं। 

यह पहल कृषि क्षेत्र को ऑपरेशन में तकनीकी बदलाव और farm-to-market कनेक्शन को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखती है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कृषि प्रोटेस्ट

यूरोप में किसानों ने मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Deal) के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। फ्रांस में लगभग 100 ट्रैक्टर पेरिस में घूमे, जबकि ग्रीस में किसानों ने मुख्य राजमार्गों को 48 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया। 

वे किसान इस बात से चिंतित हैं कि सस्ता आयात उनके उत्पादन को नुकसान पहुँचा सकता है और स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर कर सकता है। यह वैश्विक कृषि नीति में बड़े बदलाव की मांग की ओर संकेत करता है।

प्रशासनिक और नियमों में बदलाव

कृषि क्षेत्र को व्यवस्थित करने के लिए कई नीतिगत बदलाव लागू किए जा रहे हैं।
बीज गन्ना उत्पादकों के लिए अब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि गुणवत्ता नियंत्रण और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। 

साथ ही, मध्यप्रदेश सरकार ने 2026 को राज्य में कृषि वर्ष घोषित किया है, जिसमें किसान मेलों, कृषि महोत्सवों और नए कृषि कार्यक्रमों के ज़रिए किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। 

किसानों की आय और सब्सिडी योजनाएँ

सरकार किसानों की आय को बढ़ाने के लिए डीएपी (DAP) खाद पर 36% अतिरिक्त सब्सिडी की घोषणा कर चुकी है, जिसका लाभ 31 मार्च 2026 तक मिलेगा।  इससे खाद की लागत कम होगी और किसानों को उत्पादन खर्च पर राहत मिलेगी।

इसके अलावा मध्यप्रदेश और अन्य राज्य योजनाओं के ज़रिए ज़मीन, मशीनरी और अनुदान सहायता के आवेदन भी किसान कर सकते हैं, ताकि वे आधुनिक कृषि उपकरणों का इस्तेमाल कर उत्पादन बेहतर कर सकें। 


💼 कृषि में टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप का रोल

कृषि-खाद्य और एग्रीटेक स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए एपीडा (APEDA) ने नई पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना और युवा उद्यमियों को अप्रयुक्त कृषि बाजारों में अवसर देना है।

यह कदम कृषि अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और डिजिटल कृषि समाधानों को अपनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

निष्कर्ष

2026 की शुरुआत कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक रही हैमंडी भाव में स्थिरता, प्रशिक्षण योजनाओं का विस्तार, नियमों में सुधार और टेक्नोलॉजी आधारित समर्थन से किसानों को बेहतर अवसर और लाभ मिल रहे हैं।
इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसानों की आवाज़ और व्यापारिक नीतियों में बदलाव की मांग कृषि क्षेत्र की दशा को प्रभावित कर रही है।

 

Post a Comment

0 Comments