ट्रक चालकों से कथित अवैध वसूली पर बढ़ी चिंता, कई राज्यों में RTO पर उठ रहे सवाल

 

दिनांक: 13 मार्च 2026

देश के कई राज्यों में ट्रक चालकों से कथित अवैध वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ट्रांसपोर्ट से जुड़े संगठनों और ड्राइवर यूनियनों का आरोप है कि अलग-अलग राज्यों में सड़क परिवहन से जुड़े कुछ अधिकारियों द्वारा ट्रक चालकों से गैरकानूनी रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर ट्रक चालकों और परिवहन कारोबारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ट्रक ड्राइवरों का कहना है कि जब वे एक राज्य से दूसरे राज्य में माल लेकर जाते हैं तो रास्ते में कई जगहों पर उन्हें रोककर दस्तावेजों की जांच की जाती है। कई बार वाहन के सभी कागज सही होने के बावजूद भी उनसे पैसे मांगे जाते हैं। ड्राइवरों का आरोप है कि यदि वे पैसे देने से मना करते हैं तो उन्हें घंटों तक रोककर रखा जाता है, जिससे माल की डिलीवरी में देरी होती है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

परिवहन संगठनों के अनुसार देश में लाखों ट्रक चालक रोजाना सड़कों पर माल ढुलाई का काम करते हैं। यह पूरी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है, क्योंकि अधिकतर सामान ट्रकों के माध्यम से ही एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचता है। ऐसे में यदि रास्ते में बार-बार वाहन रोके जाते हैं या ड्राइवरों को परेशान किया जाता है तो इसका सीधा असर व्यापार और सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है।

कई ट्रक ड्राइवरों का कहना है कि वे पहले ही डीजल की बढ़ती कीमतों, टोल टैक्स और वाहन रखरखाव जैसे खर्चों से परेशान हैं। इसके अलावा यदि रास्ते में अतिरिक्त पैसे देने पड़ते हैं तो उनकी कमाई और कम हो जाती है। कुछ ड्राइवरों ने बताया कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान कई बार अलग-अलग चेकपोस्ट पर उनसे पैसे मांगे जाते हैं, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं भी गलत तरीके से वसूली की जा रही है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कई संगठनों ने यह भी सुझाव दिया है कि चेकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक रोक-टोक या विवाद की स्थिति कम हो सके।

कुछ राज्यों में परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए वाहनों की जांच करना जरूरी होता है। उनका कहना है कि ओवरलोडिंग, फर्जी दस्तावेज या वाहन से जुड़े अन्य नियमों की जांच के लिए चेकिंग की जाती है। हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा है कि यदि कहीं अवैध वसूली की शिकायतें मिलती हैं तो उनकी जांच की जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर को सुचारु रूप से चलाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है। आधुनिक तकनीक और डिजिटल सिस्टम का उपयोग करके चेकिंग प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित बनाया जा सकता है। इससे ड्राइवरों को भी सुविधा होगी और नियमों का पालन भी बेहतर तरीके से हो सकेगा।

फिलहाल ट्रक चालकों और परिवहन संगठनों की मांग है कि इस मुद्दे पर व्यापक स्तर पर जांच हो और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे सड़क पर काम करने वाले ड्राइवरों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में ट्रक चालकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनके साथ निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवहार होना जरूरी है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ