PM-WANI योजना: सस्ते इंटरनेट से डिजिटल भारत को मजबूत बनाने की पहल

दिनांक: 13 मार्च 2026

भारत में इंटरनेट आज जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, नौकरी, व्यापार, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक पहुँच अब तेजी से डिजिटल माध्यमों के जरिए हो रही है। ऐसे में देश के हर नागरिक तक सस्ता और आसान इंटरनेट पहुँचाना सरकार की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से सरकार ने PM-WANI योजना शुरू की है। इस योजना का लक्ष्य देशभर में बड़े पैमाने पर पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क तैयार करना है, ताकि छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में भी लोगों को सस्ता इंटरनेट मिल सके।

PM-WANI का पूरा नाम Prime Minister Wi-Fi Access Network Interface है। इस योजना की शुरुआत भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा दिसंबर 2020 में की गई थी। इसका उद्देश्य देश में लाखों सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित करना है। सरकार का मानना है कि यदि हर मोहल्ले, बाजार और सार्वजनिक स्थान पर वाई-फाई उपलब्ध होगा तो डिजिटल सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ेगा और डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसके तहत छोटे दुकानदार, चाय की दुकान, किराना स्टोर, साइबर कैफे या कोई भी व्यक्ति अपने यहां पब्लिक वाई-फाई सेवा शुरू कर सकता है। इसके लिए किसी बड़े लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती। इससे छोटे व्यापारियों के लिए कमाई का एक नया अवसर भी पैदा होता है और लोगों को सस्ता इंटरनेट भी मिलता है।

PM-WANI योजना के अंतर्गत चार मुख्य घटक होते हैं। इनमें पहला है Public Data Office (PDO)। PDO वह व्यक्ति या संस्था होती है जो अपने स्थान पर वाई-फाई राउटर लगाकर इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराती है। उदाहरण के तौर पर किसी बाजार में मोबाइल शॉप या चाय की दुकान PDO बन सकती है। वहां आने वाले लोग अपने मोबाइल या लैपटॉप से वाई-फाई से जुड़कर इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं।

दूसरा घटक है Public Data Office Aggregator (PDOA)। PDOA वह कंपनी होती है जो कई PDO को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जोड़ती है। यह कंपनी तकनीकी व्यवस्था संभालती है, जैसे उपयोगकर्ताओं का लॉग-इन सिस्टम, डेटा प्रबंधन और भुगतान प्रणाली। PDOA यह सुनिश्चित करती है कि इंटरनेट सेवा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से चलती रहे।

तीसरा घटक है App Provider। यह वह ऐप या प्लेटफॉर्म होता है जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता आसपास उपलब्ध वाई-फाई नेटवर्क खोज सकते हैं और उससे जुड़ सकते हैं। ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता डेटा पैक खरीदते हैं और इंटरनेट का उपयोग करते हैं। इस प्रक्रिया में पूरा सिस्टम डिजिटल रूप से संचालित होता है।

चौथा घटक है Central Registry। यह एक केंद्रीय डिजिटल प्रणाली है जो PM-WANI नेटवर्क में जुड़े सभी PDO, PDOA और ऐप प्रदाताओं की जानकारी को सुरक्षित रखती है। इससे पूरे नेटवर्क का संचालन पारदर्शी और व्यवस्थित बना रहता है।

PM-WANI योजना के तहत वाई-फाई सेवा शुरू करने की प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत सरल रखी गई है। कोई भी व्यक्ति PDO बनना चाहता है तो उसे सबसे पहले एक भरोसेमंद ब्रॉडबैंड या फाइबर इंटरनेट कनेक्शन लेना होता है। इसके बाद उसे एक वाई-फाई राउटर या एक्सेस पॉइंट लगाना होता है। इसके साथ ही उसे किसी प्रमाणित PDOA कंपनी से जुड़ना होता है जो उसे तकनीकी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है।

योजना की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें सरकार को कोई लाइसेंस फीस देने की आवश्यकता नहीं होती। PDOA और ऐप प्रदाताओं को भी सरकार को कोई भुगतान नहीं करना पड़ता। हालांकि सरकार इस योजना के लिए कोई सीधी सब्सिडी या अनुदान भी नहीं देती। वाई-फाई राउटर खरीदने और इंटरनेट कनेक्शन लगाने का खर्च संबंधित व्यक्ति को स्वयं वहन करना होता है।

इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य देश में लाखों सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित करना है। इससे डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से हो सकता है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में जहां मोबाइल डेटा नेटवर्क कमजोर होता है, वहां पब्लिक वाई-फाई लोगों के लिए बड़ा सहारा बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि PM-WANI योजना छोटे व्यापारियों के लिए भी एक अवसर बन सकती है। उदाहरण के तौर पर कोई दुकानदार अपने यहां वाई-फाई सेवा शुरू करके आसपास के लोगों को इंटरनेट उपलब्ध करा सकता है। उपयोगकर्ता छोटे-छोटे डेटा पैक खरीदकर इंटरनेट इस्तेमाल कर सकते हैं और उस आय का एक हिस्सा दुकानदार को भी मिल सकता है। इस प्रकार यह योजना डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा कर सकती है।

डिजिटल इंडिया अभियान के तहत PM-WANI योजना को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि सस्ता और सुलभ इंटरनेट देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-कॉमर्स और डिजिटल भुगतान जैसे क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ने से लोगों को नई सुविधाएं मिलेंगी।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि देशभर में कितनी तेजी से वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए जाते हैं और उनकी गुणवत्ता कैसी रहती है। यदि सही तरीके से लागू किया गया तो PM-WANI भारत में इंटरनेट उपयोग के तरीके को बदल सकता है।

कुल मिलाकर PM-WANI योजना का उद्देश्य देश के हर कोने तक इंटरनेट पहुंचाना है। यह योजना डिजिटल खाई को कम करने और छोटे शहरों तथा गांवों को भी डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने का प्रयास है। यदि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग लेते हैं और पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क का विस्तार होता है, तो आने वाले समय में भारत में इंटरनेट उतना ही सामान्य हो सकता है जितना आज बिजली और मोबाइल फोन हैं।

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