RBSE कक्षा 12 राजनीति विज्ञान: ‘स्वतंत्रता के बाद भारत की राजनीति’ पर छात्रों का फोकस, बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारी तेज

जयपुर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की कक्षा 12 राजनीति विज्ञान की परीक्षा 2026 को लेकर विद्यार्थियों में तैयारी का दौर तेज हो गया है। विशेष रूप से “स्वतंत्रता के बाद भारत की राजनीति” (Politics in India Since Independence) अध्याय इस बार चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शिक्षकों का कहना है कि यह इकाई न केवल परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की समझ विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाती है।

इस पाठ्यक्रम में स्वतंत्रता के बाद भारत के राजनीतिक विकास, एकदलीय प्रभुत्व के दौर, आपातकाल, गठबंधन राजनीति, क्षेत्रीय दलों के उदय और विदेश नीति जैसे विषय शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, छात्रों को केवल घटनाओं को याद करने के बजाय उनके कारण और प्रभाव को समझना जरूरी है, क्योंकि बोर्ड परीक्षा में विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाने की संभावना अधिक रहती है।

1947 में स्वतंत्रता के बाद भारत को विभाजन, शरणार्थी संकट और रियासतों के एकीकरण जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद देश ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपनाते हुए संसदीय प्रणाली और पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से विकास की दिशा तय की। लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी का प्रभुत्व रहा, जिसे ‘एक दल के प्रभुत्व का दौर’ कहा जाता है। बाद में आपातकाल और जनता पार्टी के उदय ने भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव लाए।

राजनीति विज्ञान के शिक्षकों का कहना है कि इस अध्याय में आपातकाल (1975-77) पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह भारतीय लोकतंत्र के लिए एक निर्णायक मोड़ था। इसके अलावा गठबंधन सरकारों का दौर और क्षेत्रीय दलों की भूमिका भी परीक्षा में महत्वपूर्ण मानी जाती है। विदेश नीति के अंतर्गत गुटनिरपेक्ष आंदोलन, भारत-चीन संबंध और भारत-पाकिस्तान संबंध जैसे मुद्दे भी पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।

परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, छात्रों को लंबे उत्तर वाले प्रश्नों की तैयारी के साथ-साथ तर्कपूर्ण और संतुलित उत्तर लिखने का अभ्यास करना चाहिए। आरेख, समयरेखा और प्रमुख घटनाओं का क्रम याद रखना भी सहायक साबित हो सकता है। बोर्ड परीक्षा में इस इकाई से अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए नियमित पुनरावृत्ति और मॉडल पेपर का अभ्यास आवश्यक माना जा रहा है।

स्कूलों में भी इस विषय पर विशेष कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि विद्यार्थियों को जटिल राजनीतिक अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाया जा सके। शिक्षकों का मानना है कि यह अध्याय छात्रों को केवल परीक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि एक जागरूक नागरिक बनने के लिए भी तैयार करता है।

बोर्ड परीक्षा 2026 नजदीक आने के साथ ही छात्र अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। “स्वतंत्रता के बाद भारत की राजनीति” अध्याय को लेकर विद्यार्थियों में गंभीरता और उत्साह दोनों देखने को मिल रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सही रणनीति और निरंतर अभ्यास से इस विषय में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ