अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला पर वैश्विक हलचल तेज

World News | खबरें विदेश की | 21 फरवरी 2026

वॉशिंगटन/काराकस: 21 फरवरी 2026 की अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में अमेरिका और वेनेजुएला से जुड़ी घटनाएं सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में हैं। उनकी नीतियों, अदालत के फैसलों और विदेश नीति को लेकर दुनिया भर में बहस तेज हो गई है।

सबसे बड़ा मुद्दा वेनेजुएला को लेकर सामने आया है। अमेरिकी दबाव और बढ़ते प्रतिबंधों के बीच क्यूबा के सुरक्षा बलों ने वेनेजुएला से अपनी मौजूदगी कम करनी शुरू कर दी है। इसे लैटिन अमेरिका की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों और तेल व्यापार पर रोक के कारण वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है। ऐसे में क्षेत्रीय सहयोगियों का पीछे हटना वहां की सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है।

इसी बीच वेनेजुएला में एक विवादित ‘एमनेस्टी कानून’ लागू किया गया है, जिसके तहत राजनीतिक बंदियों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू हुई है। अब तक 1500 से अधिक लोगों ने माफी के लिए आवेदन किया है और सैकड़ों को रिहा भी किया गया है। हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह कदम पूरी तरह पारदर्शी नहीं है।

अमेरिका में भी डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनके पुराने टैरिफ फैसले को अमान्य करार दिया है। अदालत का कहना है कि इस फैसले को लागू करने के लिए आवश्यक संसदीय अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे नए कानूनी रास्तों के जरिए वैश्विक टैरिफ दरों को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक करने पर विचार कर रहे हैं। इस प्रस्ताव ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में चिंता बढ़ा दी है।

व्हाइट हाउस में आयोजित गवर्नर्स डिनर के दौरान ट्रंप और मेलानिया ट्रंप की मौजूदगी ने भी राजनीतिक हलकों में संदेश दिया कि वे अभी भी सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका में हैं। इस कार्यक्रम को कई विश्लेषक उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने भी वेनेजुएला मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर यदि कोई कार्रवाई होनी है तो वह उनके देश के भीतर ही होनी चाहिए, न कि बाहरी हस्तक्षेप के जरिए। इस बयान से क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका की विदेश नीति, आर्थिक फैसले और वेनेजुएला की आंतरिक राजनीति आने वाले महीनों में वैश्विक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। लैटिन अमेरिका में बदलते गठबंधन, आर्थिक प्रतिबंध और न्यायिक फैसले 2026 की अंतरराष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा दे रहे हैं। दुनिया की निगाहें अब इन घटनाक्रमों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ