
महाराष्ट्र में पल्लिएटिव केयर प्रोग्राम शुरुआत — राज्यभर में मुफ्त सेवा का विस्तार
आज महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में एक व्यापक पल्लिएटिव केयर कार्यक्रम लॉन्च किया है, जिससे न केवल कैंसर के रोगियों को बल्कि गंभीर स्थितियों जैसे हृदय, गुर्दा, फेफड़े, स्ट्रोक, पार्किंसंस और अन्य दीर्घकालिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी राहत एवं समर्थन मिलेगा। इस पहल में घर पर सेवा, दर्द निवारण, परिवार परामर्श और सामाजिक सहायता शामिल हैं, ताकि मरीजों को घर के वातावरण में सम्मानजनक देखभाल मिल सके।
पहले चरण में ASHA कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर सर्वे किया जाएगा ताकि ज़रूरतमंद मरीजों की पहचान हो सके। जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक इस सेवा को जोड़ा जा रहा है, जिसमें 24-घंटे नर्सिंग, काउंसलिंग और फिजियोथेरेपी जैसी सेवाएँ उपलब्ध होंगी। दर्द निवारक दवाइयाँ अब प्राथमिक स्तर पर भी उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की आवश्यकता कम होगी। इस योजना का उद्देश्य जीवन के अंतिम चरण में गुणवत्ता और सम्मान दोनों को सुनिश्चित करना है, जैसा कि पहले के सफल मॉडलों — जैसे केरल और तमिलनाडु में — देखा गया है।
महाराष्ट्र — Census 2027 तैयारियाँ और Palliative Care योजना विस्तार
महाराष्ट्र सरकार ने Census 2027 के पहले चरण को मई 2026 से शुरू करने की रूपरेखा तय कर दी है। राज्य में लगभग 2.6 लाख कर्मचारियों को मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल सर्वेक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस बार भारत की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसका लक्ष्य डेटा संग्रह को तेज़, पारदर्शी और सटीक बनाना है। पहले चरण में नागरिकों को अपना डेटा स्वयं मोबाइल पोर्टल पर दर्ज करने का विकल्प दिया जाएगा, फिर 16 जून तक घर-घर सर्वे होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली पहले से अधिक प्रभावी होगी और कमजोर तथा दूरस्थ इलाकों में भी बेहतर कवरेज सुनिश्चित करेगी।
साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य के सरकारी अस्पतालों में पल्लिएटिव केयर कार्यक्रम लागू करने की घोषणा की है। इस पहल से कैंसर, हृदय, पार्किंसंस जैसे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को घर में ही दर्द निवारण, परामर्श और नर्सिंग जैसी सेवाएँ मिलेगी। ASHA और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से मरीजों की पहचान की जाएगी और आवश्यक सेवाएँ सीधे घर पर उपलब्ध होंगी।
इन दोनों पहलों को सरकार ने सामाजिक कल्याण और ग्रामीण स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
महाराष्ट्र में 2027 जनगणना का पहला चरण मई में शुरू होने की तैयारी
महाराष्ट्र में Census 2027 के पहले चरण को मई 2026 से शुरू करने की योजना बन चुकी है। इस खुद-स्वयं-गणना चरण में नागरिकों को सीधे डिजिटल पोर्टल पर अपना डेटा दर्ज करने का विकल्प मिलेगा। उसके बाद 16 जून तक घर-घर पूछताछ और सूचीकरण किया जाएगा। लगभग 2.6 लाख सरकारी कर्मियों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें जनवरी से मई तक प्रशिक्षण सत्र चल रहे हैं।
इस बार पहली बार भारत की जनगणना पूरी तरह डिजिटल रूप से संचालित होगी, जिसमें मोबाइल ऐप आधारित डेटा संग्रह तकनीक का उपयोग होगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि डेटा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
उत्तर प्रदेश की स्वच्छ वायु परियोजना UPCAMP को तेजी से लागू करने का निर्देश
UP के पर्यावरण मंत्री AK Saxena ने Uttar Pradesh Clean Air Management Project (UPCAMP) को तेज़ी से लागू करने का आदेश दिया है। यह परियोजना, विश्व बैंक के समर्थन से, राज्य में वायु गुणवत्ता सुधार और स्वास्थ्य संरक्षा को प्राथमिकता देती है। UPCAMP के तहत स्वच्छ वायु उच्च प्राथमिकता वाली परियोजना है, जो हरे कामगारों की भूमिका को भी बढ़ावा देती है।
यूपी की पहचान: Tech, Trust & Transformation
UP के CM योगी आदित्यनाथ ने विधान सभा में कहा कि राज्य अब BIMARU की पहचान से निकलकर “Tech, Trust & Transformation” की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक कल्याण और बेहतर प्रशासन पर फोकस किया है, पिछले दौर की तुलना में सुधार के कई संकेत दिये हैं।
उत्तर प्रदेश में Anganwadi एवं ASHA कर्मियों के मानदेय में वृद्धि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज विधान परिषद में राज्य के लगभग 1.82 लाख अंगनवाड़ी कर्मियों, 1.28 लाख सहायकों और करीब 1.68 लाख ASHA कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि का ऐलान किया। योग्य राशि अब पहले की तुलना में बेहतर आर्थिक समर्थन प्रदान करेगी, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य और सामुदायिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शैक्षिक मित्र और अन्य संविदात्मक स्टाफ के लिए भी उठाए जा रहे कदमों के बारे में विचार जारी हैं। इसके अलावा, महिला सशक्तिकरण की दिशा में UP सरकार SHE-Mart जैसे 2026-27 के केंद्रीय बजट के तहत नई योजनाओं में भाग लेने पर भी ज़ोर दे रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं के सूक्ष्म उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके।
उत्तर प्रदेश — Anganwadi/ASHA मानदेय वृद्धि और UPCAMP योजनाएँ
उत्तर प्रदेश सरकार ने आज विधान परिषद में घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के लगभग 1.82 लाख Anganwadi कर्मियों एवं 1.68 लाख ASHA कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि कर दी गई है। यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और कर्मियों को स्थिर वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से उठाया गया है। पहले की तुलना में बढ़ाया गया मानदेय अब क्षेत्रीय स्वास्थ्य संरचना को और मज़बूत करेगा।
इसके अलावा, पर्यावरण विभाग ने Uttar Pradesh Clean Air Management Project (UPCAMP) को समयबद्ध ढंग से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह परियोजना विश्व बैंक के समर्थन से यू.पी. में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए है और इसे प्राथमिकता के साथ लागू करने हेतु विभाग को कहा गया है। राज्य के प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण और औद्योगिक उत्सर्जन पर नियंत्रण के लिए अभियान तेज़ किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में यह भी कहा गया कि “UP नई पहचान: टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन” की ओर बढ़ रहा है, जिससे निवेश, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक विकास में सुधार लाया जाएगा।
पंजाब में 12 साल बाद Doraha रेलवे ओवरपास शुरू — यातायात और व्यापार को मजबूती
लुधियाना-चंडीगढ़ मार्ग पर सालों से प्रतीक्षित Doraha रेल ओवरपास (ROB) कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब ₹70.55 करोड़ की लागत वाले इस चार-लेन ओवरपास से न केवल भारी ट्रैफिक में कमी आएगी बल्कि मालवाहक और आवागमन सेवाओं में भी सुधार होगा। रोज़ाना 190 से अधिक ट्रेनें और 3,000 से ज़्यादा वाहन इस पार से गुजरते हैं, जिससे पहले अक्सर लंबा जाम लग जाता था।
यूनियन मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस परियोजना के तेजी से लागू होने की घोषणा की और कहा कि यह पंजाब की आर्थिक गतिविधियों, व्यावसायिक कनेक्टिविटी और रोज़मर्रा की यात्रा के अनुभव में बड़ा बदलाव लाएगा। इसके अलावा, राज्य में 166 अन्य रेलवे परियोजनाओं पर भी ₹1,480 करोड़ से ज़्यादा निवेश हो रहा है, जिसमें RUBs और LHSs का कार्य शामिल है। Amrit Bharat Station योजना के तहत 30 रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जाएगा।
दिल्ली-अंबाला रेल कॉरिडोर का चौड़ीकरण भी जारी है, जो दिल्ली और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी और माल परिवहन को और सुदृढ़ बनाएगा। स्थानीय लोगों ने लंबे समय से इस ओवरपास का स्वागत किया है, और उम्मीद जताई है कि इससे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा।
कर्नाटक में महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के लिए नया ‘Akka Pade’ प्लेटफॉर्म शुरू
कर्नाटक सरकार ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘Akka Pade’ नाम से एक एकीकृत सुरक्षा पहल का शुभारंभ किया है। यह पहले से अलग-अलग कार्य कर रही टीमों — जैसे Channamma Pade, Obavva Pade, Durga Pade — को एक संयुक्त पहचान में लाती है, जिससे संचालन, संसाधन और जागरूकता कार्यक्रम अधिक सुदृढ़ होंगे।
सुरक्षा पहल को 31 जिलों और पांच कमिश्नरेट स्तर तक विस्तारित किया जाएगा, और भविष्य में तालुक स्तर तक भी पहुंचाया जाएगा। विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मियों की टीम स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टैंड, पार्क और सिनेमाघरों में जागरूकता अभियानों का संचालन करेगी तथा महिलाओं एवं बच्चों को कानूनी सहायता, आपात हेल्पलाइन (जैसे 112, 181, 1098) तथा सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी देगी।
पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित उद्घाटन समारोह में यह भी बताया गया कि यह पहल पहले के अपूर्ण प्रयासों की तुलना में अधिक संरचित और प्रभावी होगी।
हरियाणा पुलिस आधुनिकीकरण पर ₹300 करोड़ का निवेश
हरियाणा के मुख्यमंत्री नयाब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मज़बूत बनाने के लिए पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर ₹300 करोड़ खर्च किए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस को आधुनिक उपकरण, बेहतर संरचना और तकनीकी प्रशिक्षण देना है। इसके तहत 5,500 नई भर्ती प्रक्रियाएँ शुरू की जा चुकी हैं।
पंचकुला में SWAT कमांडो कोर्स के समापन समारोह के दौरान सैनी ने कहा कि पुलिस बल को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने ₹85 लाख के फायरिंग सिम्युलेटर का उद्घाटन भी किया, जिससे कमांडोज़ को सुरक्षित रूप से वास्तविक परिस्थिति का अभ्यास मिलेगा। आगे की योजना में वर्चुअल रियलिटी जैसे एडवांस्ड ट्रेनिंग टूल, इंटर-एजेंसी अभ्यास और नशा-मुक्त हरियाणा के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल हैं।
हरियाणा — पुलिस आधुनिकीकरण ₹300 करोड़ निवेश
हरियाणा के मुख्यमंत्री नयाब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और पुलिस बल को तकनीकी रूप से सक्षम करने के लिए ₹300 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह राशि नई भर्ती, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और संरचना को मज़बूत करने के काम में लगाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने SWAT कमांडो कोर्स के समापन समारोह में इसे लॉन्ग-टर्म पब्लिक सेफ्टी स्ट्रैटेजी बताया। इसके तहत ₹85 लाख के फायरिंग सिम्युलेटर और वर्चुअल ट्रेनिंग टूल की शुरुआत की गई है, जिससे पुलिस कर्मी वास्तविक स्थितियों का सुरक्षित अभ्यास कर सकेंगे।
इस प्रयास से हरियाणा पुलिस आधुनिक अपराध-नियंत्रण और आपात प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार लाने का लक्ष्य रखती है।
बिहार — शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास योजनाएँ
बिहार सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर में बड़े बदलावों की तैयारी तेज़ कर दी है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षण उपकरणों के विस्तार की योजना तैयार की है, जिससे विद्यार्थी सस्ते सुविधा आधारित शिक्षा संसाधनों तक पहुँच सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग भी ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल स्वास्थ्य क्लीनिक और टीकाकरण योजनाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर दे रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इन पहलों का लक्ष्य 2026–27 में जीवन स्तर सुधारना और सामाजिक बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना है। ग्रामीण इलाकों के लिए कनेक्टिविटी योजनाएँ, सड़कों के रख-रखाव और कृषि सहायता कार्यक्रम भी प्राथमिकता में रखे गए हैं।
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि निवेश और विकास कार्यक्रमों के विस्तार से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और युवा वर्ग को स्वरोज़गार की तरफ़ आकर्षित किया जाएगा।
कर्नाटक — Akka Pade सुरक्षा पहल और महिला सशक्तिकरण
कर्नाटक सरकार ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए Akka Pade नामक एकीकृत सुरक्षा मंच की शुरुआत की है। यह पहल पहले अलग-अलग काम कर रही सुरक्षा पहलों को एक नाम, संरचना और रणनीति के तहत लाएगी। योजना का विस्तार 31 जिलों और कमिश्नरेट स्तरों तक किया गया है, और भविष्य में तालुक स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
यह मंच स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान, सुरक्षा डेस्क और हेल्पलाइन संपर्क बिंदु प्रदान करेगा। सरकार का कहना है कि यह अब पहले से ज़्यादा प्रभावी, संसाधन-समर्थित और व्यवस्थित सुरक्षा व्यवस्था है।
विशेष रूप से प्रशिक्षित टीमों द्वारा कानूनी सहायता, आपात हेल्पलाइन नंबर तथा सुरक्षा टिप्स उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सामाजिक संरचना को मज़बूत करेगा और महिलाओं तथा बच्चों के प्रति अपराधों में गिरावट लाएगा।
पंजाब — Doraha ओवरपास तेजी से लागू, रेलवे परियोजनाओं में निवेश
पंजाब में लुधियाना-चंडीगढ़ मार्ग पर लगभग 12 साल से लंबित Doraha रेलवे ओवरपास (ROB) परियोजना को अत्यधिक तेजी से लागू कर दिया गया है। कुल लागत ₹70.55 करोड़ है और इससे व्यस्त लुधियाना-चंडीगढ़ रेल मार्ग पर यातायात सुगम होगा। रोज़ाना लगभग 3,000 वाहन और 190 से अधिक ट्रेनें इसी मार्ग से गुजरती हैं, जिसके कारण पहले भारी ट्रैफ़िक जाम की समस्या रहती थी।
यूनियन मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि ROB को जल्दी पूरा कराना स्थानीय यात्रा और व्यापार दोनों को बढ़ावा देगा। साथ ही राज्य में 166 अन्य रेलवे परियोजनाओं पर ₹1,480 करोड़ से ज़्यादा खर्च हो रहा है, जिसमें कई रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण और माल परिवहन नेटवर्क के विस्तार के प्रयास शामिल हैं।
स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों ने इस कदम का स्वागत किया है, खासकर लुधियाना-चंडीगढ़ मार्ग पर रोज़मर्रा के यात्रा समय में कमी के लिए।
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