बजट 2026: खेती के लिए ₹1.63 लाख करोड़ का आवंटन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए बजट में 7% की बढ़ोतरी करते हुए कुल ₹1,62,671 करोड़ आवंटित किए हैं।
'भारत विस्तार' (Bharat Vistaar): अब AI करेगा खेती में मदद
आज की सबसे बड़ी घोषणा 'भारत विस्तार' पोर्टल की रही। यह एक बहुभाषी (multilingual) AI टूल है जो किसानों को उनकी अपनी भाषा में निम्नलिखित जानकारी देगा:
सटीक मौसम पूर्वानुमान: बुवाई और कटाई के सही समय की जानकारी।
मिट्टी की सेहत: मिट्टी के अनुसार खाद और बीज का सुझाव।
- कीट प्रबंधन: फसलों में लगने वाली बीमारियों का फोटो के जरिए तुरंत समाधान। यह टूल AgriStack डेटा और ICAR की वैज्ञानिक पद्धतियों को एक साथ जोड़ता है।
'हाई-वैल्यू' फसलों पर बड़ा दांव
सरकार ने पारंपरिक अनाज के साथ-साथ कीमती फसलों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए हैं:
- कोकोनट प्रमोशन स्कीम: भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक है। अब सरकार पुराने और कम उत्पादक पेड़ों को हटाकर नई वैरायटी के पौधे लगाने के लिए सब्सिडी देगी।
काजू और कोको (Cashew & Cocoa): इन दोनों फसलों के लिए समर्पित प्रोग्राम शुरू किए गए हैं ताकि 2030 तक भारत को कच्चा काजू आयात करने की जरूरत न पड़े और भारतीय ब्रांड वैश्विक स्तर पर चमकें।
- चंदन और अखरोट: तटीय क्षेत्रों में चंदन और पहाड़ी क्षेत्रों में अखरोट, बादाम और चिलगोजा की 'हाई-डेंसिटी' खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
उर्वरक (Fertilizer) और सब्सिडी
किसानों के लिए खाद की लागत कम रखने के लिए सरकार ने ₹1.71 लाख करोड़ की फर्टिलाइजर सब्सिडी का प्रावधान किया है।
- बायो-पेस्टिसाइड्स पर GST घटा: टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक कीटनाशकों पर GST को घटाकर 5% कर दिया गया है।
- प्राकृतिक खेती (Natural Farming): अगले एक साल में 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए सहायता दी जाएगी।
पशुपालन और मत्स्य पालन (Allied Sectors)
500 नए जलाशय: मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 जलाशयों का एकीकृत विकास किया जाएगा।
- क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी: डेयरी, पोल्ट्री और पशुपालन क्षेत्र में स्टार्टअप्स और उद्यमिता शुरू करने के लिए लोन पर विशेष सब्सिडी दी जाएगी।
सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर
फसलों को बर्बाद होने से बचाने के लिए सरकार ने कोल्ड चेन और वेयरहाउस (गोदाम) में निवेश को प्राथमिकता दी है, क्योंकि वर्तमान में लगभग 15-20% खराब होने वाली फसलें बाजार पहुँचने से पहले ही नष्ट हो जाती हैं।
निष्कर्ष: बजट 2026 का स्पष्ट संदेश है—"कम लागत, आधुनिक तकनीक और ऊँची कीमत वाली फसलें।"
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