नई दिल्ली:
भारतीय क्रिकेट टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। बीते कुछ वर्षों में टीम management ने senior खिलाड़ियों के साथ-साथ young talent को भी लगातार मौके देने शुरू किए हैं। इसका मकसद future-ready टीम तैयार करना है, जो सभी formats में consistent performance दे सके।
BCCI और selectors का मानना है कि modern cricket में fitness, fielding और adaptability सबसे अहम factors बन चुके हैं। इसी वजह से domestic cricket और IPL में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को national team में शामिल किया जा रहा है। Young players ने limited opportunities में ही अपनी क्षमता साबित की है।
Team India का focus अब सिर्फ bilateral series तक सीमित नहीं है, बल्कि ICC tournaments को ध्यान में रखकर planning की जा रही है। Coaches और support staff data analysis और performance metrics का भी ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे खिलाड़ियों की strengths और weaknesses पर काम करना आसान हुआ है।
Experts का कहना है कि यह transition phase जरूरी है, हालांकि इसमें patience की जरूरत होती है। Fans को भी समझना होगा कि नए खिलाड़ियों को settle होने में समय लगता है। आने वाले वर्षों में यही युवा खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट की backbone बन सकते हैं।
0 Comments