दाखिल, नई दिल्ली से रिपोर्ट — 25 अप्रैल 2026
राजनीतिक गलियारों में आज बड़ा भूचाल आया है। Raghav Chadha, आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ राज्यमंत्री और पार्टी के कुछ समय पहले तक मजबूत चेहरा रहे नेता, ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान किया। इस फैसले के साथ ही उन्होंने पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों को भी बीजेपी में शामिल होने के लिये तैयार बताया — जिनमें बड़े नाम जैसे Swati Maliwal और Harbhajan Singh शामिल हैं।
क्या हुआ? प्रमुख बातें
आज दिल्ली में एक प्रेस کانفرنس میں Raghav Chadha ने बताया कि वे 15 साल तक AAP को समर्पित रहे, लेकिन अब उन्हें लगता है कि पार्टी “अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है”। उन्होंने कहा कि वे “सही व्यक्ति गलत पार्टी में” रह चुके हैं और अब BJP में जाकर जनता के करीब जाना चाहते हैं।
उनके बयान के अनुसार कुल 10 AAP सांसदों में से 7 ने AAP छोड़कर BJP का दामन थाम लिया है, जिससे पार्टी का Upper House (राज्यसभा) में जनमत कमजोर हुआ है। इसका सीधा असर इस बात पर होगा कि अब AAP के पास सिर्फ 3 सांसद बचेंगे — जो पार्टी के पक्ष में मजबूती दिखा सकते हैं।
कौन-कौन अा रहे हैं BJP में?
Raghav Chadha ने खुलासा किया कि उनके साथ 6 अन्य सांसद भी BJP में शामिल हुए हैं। इन प्रमुख नामों में शामिल हैं:
- Swati Maliwal — सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व DCW प्रमुख
- Harbhajan Singh — पूर्व भारतीय क्रिकेटर
- Sandeep Pathak
- Ashok Mittal
- Rajinder Gupta
- Vikram Sahney
ये सात सांसद अब BJP की नीतियों और नेतृत्व के साथ आगे काम करेंगे, जिससे BJP का Upper House में प्रभाव और ज्यादा मजबूत होगा।
AAP की प्रतिक्रिया और प्रतिक्रिया की प्रतिक्रिया
AAP के वरिष्ठ नेताओं ने इस घटना को “विश्वासघात” और “राजनीतिक चाल” करार दिया है। पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि ये लोग पार्टी को कमजोर करने के लिये बीजेपी के प्रभाव में आए हैं। इसी के साथ पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बयान दिया कि BJP ने फिर से पंजाबी समाज के साथ धोखा किया है।
कुछ AAP नेता अब उच्च अधिकारियों से इन सात सांसदों को राज्यसभा से वापस बुलाने का आग्रह करने की तैयारी में हैं, ताकि वे अलग होकर BJP में शामिल होने के कारण अपनी सदस्यता खो सकें।
राजनीतिक मायने
इस बड़े राजनीतिक बदलाव का मतलब सिर्फ एक नेता का पार्टी बदलना नहीं है। इससे AAP की राज्यसभा में मौजूदगी और राष्ट्रीय स्तर पर साख को बड़ा झटका लगा है — खासकर उस समय जब पार्टी पंजाब और अन्य राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही थी। वहीं BJP को यह कदम नेता और संसदीय ताकत दोनों बढ़ाने में मदद करेगा, खासकर अगले आम चुनावों और विधानसभा चुनावों से पहले।
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