नई दिल्ली / पंजाब / हिमाचल / तेलंगाना / उत्तराखंड / राजस्थान
देश के अलग-अलग राज्यों से इस समय कई बड़े मुद्दे सामने आ रहे हैं, जो राजनीति, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े हुए हैं।
सबसे पहले पंजाब की बात करें तो यहाँ राजनीति गरम हो चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा धार्मिक परिवर्तन पर संभावित कानून की बात के बाद राज्य में विवाद बढ़ गया है। ईसाई संगठनों ने इसे संविधान के खिलाफ बताया, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इसे “धार्मिक कार्ड” बताकर खारिज किया है। इससे साफ है कि आने वाले चुनावों से पहले राज्य में माहौल और ज्यादा polarized हो सकता है।
इसी पंजाब में सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है। हाल ही में सीमा पर एक घुसपैठिए को BSF ने मार गिराया और ड्रोन के जरिए हथियार व नशे की तस्करी के मामले तेजी से बढ़े हैं। यह संकेत देता है कि सीमा सुरक्षा अब और ज्यादा sensitive हो चुकी है।
अब आते हैं हिमाचल प्रदेश पर — यहाँ मार्च में ही हीटवेव आना वैज्ञानिकों को चौंका रहा है। तापमान 35°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से काफी ज्यादा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह ग्लेशियर पिघलने, जंगल की आग और खेती पर असर डाल सकता है। यह climate change का subtle warning signal भी हो सकता है।
तेलंगाना में पानी को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है। राज्य के नेता हरीश राव ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह गोदावरी और कृष्णा नदियों के पानी के अधिकारों की रक्षा नहीं कर पा रही। अगर यह issue बढ़ा, तो यह inter-state conflict का रूप ले सकता है, खासकर आंध्र प्रदेश के साथ।
वहीं उत्तराखंड में आर्थिक गतिविधियां तेज करने की कोशिश हो रही है। देहरादून में “Make in India SME Summit” आयोजित होने जा रहा है, जिसमें छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने पर फोकस रहेगा। इसका सीधा असर रोजगार और local business ecosystem पर पड़ सकता है।
राजस्थान में विधानसभा ने एक नया प्रॉपर्टी कानून पास किया है, जो संवेदनशील क्षेत्रों में संपत्ति के ट्रांसफर को नियंत्रित करेगा। यह कानून सामाजिक संतुलन और सुरक्षा के नजरिए से अहम माना जा रहा है।
देशभर में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हैं। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, गोवा, नागालैंड और त्रिपुरा समेत कई राज्यों में उपचुनाव घोषित किए हैं। इससे साफ है कि आने वाले महीनों में political landscape काफी dynamic रहने वाला है।
साथ ही, केंद्र सरकार ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में किसानों के लिए आढ़तियों के कमीशन बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे कृषि सेक्टर को राहत मिलने की उम्मीद है।
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