नई दिल्ली: देश में अक्सर “राष्ट्रीय पार्टी” और “राज्य पार्टी” की बात होती है, लेकिन इनके बनने की प्रक्रिया क्या है, इसे समझना जरूरी है। पूरा सिस्टम भारत निर्वाचन आयोग (ECI) तय करता है।
पार्टी कैसे बनती है
सबसे पहले किसी भी समूह को एक राजनीतिक संगठन बनाना होता है।
प्रक्रिया:
- पार्टी का नाम और विचारधारा तय करना
- पार्टी का संविधान बनाना
- पदाधिकारियों की नियुक्ति करना
इसके बाद पार्टी को निर्वाचन आयोग में रजिस्टर कराया जाता है।
रजिस्ट्रेशन के लिए:
- कम से कम 100 सदस्य
- पार्टी का संविधान
- नियम और उद्देश्य
👉 इसके बाद पार्टी “Registered Party” बन जाती है।
राज्य पार्टी कैसे बनती है
रजिस्ट्रेशन के बाद पार्टी को चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करना होता है।
राज्य पार्टी बनने के नियम:
- 6% वोट + 2 विधानसभा सीटया
- 3% सीटें (या कम से कम 3 सीट)या
- लोकसभा में उस राज्य से सीट जीतना
👉 इन शर्तों में से कोई पूरी करने पर पार्टी “State Party” बनती है।
🇮🇳 राष्ट्रीय पार्टी कैसे बनती है
जब कोई पार्टी कई राज्यों में मजबूत हो जाती है, तब उसे राष्ट्रीय दर्जा मिलता है।
राष्ट्रीय पार्टी बनने के नियम:
- 4 राज्यों में State Party होनाया
- लोकसभा चुनाव में 6% वोट (4 राज्यों में) + 4 सीटया
- लोकसभा की 2% सीट (कम से कम 11 सीट) 3 राज्यों से
👉 इन में से कोई एक शर्त पूरी करनी होती है।
भारत की वर्तमान राष्ट्रीय पार्टियां
अभी भारत में ये 6 राष्ट्रीय पार्टियां हैं:
- भारतीय जनता पार्टी
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- बहुजन समाज पार्टी
- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
- आम आदमी पार्टी
- नेशनल पीपुल्स पार्टी
यह दर्जा क्यों जरूरी है
राष्ट्रीय पार्टी बनने पर:
- चुनाव चिन्ह पूरे देश में एक जैसा रहता है
- चुनाव प्रचार में सुविधा मिलती है
- पहचान और प्रभाव बढ़ता है
निष्कर्ष
भारत में पार्टी बनाना एक प्रक्रिया है, लेकिन राष्ट्रीय पार्टी बनना पूरी तरह चुनावी प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
0 टिप्पणियाँ