नई दिल्ली / न्यूयॉर्क / लंदन / दुबई | 3 मार्च 2026
एक ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर युद्ध जैसे हालात, भू-राजनीतिक टकराव और सैन्य गतिविधियों की खबरें तेज हैं, वहीं दूसरी ओर दुनिया के कई देशों में आज होली का उत्सव रंग, संगीत और सामुदायिक मेलजोल के साथ मनाया गया। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय प्रवासी समुदाय और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर त्योहार को उम्मीद और एकजुटता के प्रतीक के रूप में मनाया।
अमेरिका में “फेस्टिवल ऑफ कलर्स” के बड़े आयोजन
संयुक्त राज्य अमेरिका के कई शहरों, विशेषकर New York City और Los Angeles में होली बड़े सार्वजनिक आयोजनों के रूप में मनाई गई। टाइम्स स्क्वायर के पास आयोजित “फेस्टिवल ऑफ कलर्स” कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए।
हालांकि वैश्विक तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के अतिरिक्त इंतज़ाम किए। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग ने आयोजन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी। आयोजकों ने कहा कि “इस समय जब दुनिया विभाजित दिखाई दे रही है, होली हमें याद दिलाती है कि रंग किसी सीमा को नहीं मानते।”
कैलिफोर्निया की कई विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्र संगठनों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और शाकाहारी भोजन के साथ होली मनाई। कार्यक्रमों में अमेरिकी नागरिकों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही।
ब्रिटेन में परंपरा और सुरक्षा साथ-साथ
ब्रिटेन में London और Leicester जैसे शहरों में भारतीय मूल के लोगों ने खुले मैदानों और सामुदायिक केंद्रों में होली खेली।
लंदन में एक बड़े पार्क में आयोजित कार्यक्रम में रंगों के साथ बॉलीवुड संगीत और पारंपरिक ढोल की धुनें गूंजती रहीं। ब्रिटिश प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती की।
आयोजकों के अनुसार इस वर्ष कार्यक्रमों में “शांति और वैश्विक सद्भाव” का संदेश प्रमुख रहा। कई मंचों से यह अपील की गई कि विश्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच नागरिक समाज को संवाद और सहयोग की राह चुननी चाहिए।
खाड़ी देशों में सीमित लेकिन उत्साही आयोजन
Dubai और Abu Dhabi में भारतीय प्रवासी समुदाय ने निजी परिसरों और निर्धारित स्थलों पर होली मनाई। यहां सार्वजनिक रंग खेलने की अनुमति सीमित स्थानों तक थी, इसलिए आयोजनों को नियंत्रित और अनुमति प्राप्त स्थलों पर आयोजित किया गया।
दुबई में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में संगीत, नृत्य और सूखे गुलाल का प्रयोग किया गया। आयोजकों ने पानी के उपयोग को सीमित रखने और पर्यावरण अनुकूल रंगों के उपयोग पर जोर दिया।
ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में बहुसांस्कृतिक भागीदारी
Sydney और Toronto में होली को बहुसांस्कृतिक उत्सव के रूप में देखा गया। स्थानीय प्रशासन की अनुमति से खुले मैदानों में कार्यक्रम आयोजित हुए।
कनाडा में कई कार्यक्रमों में स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजकों ने मंच से कहा कि “यह केवल भारतीय त्योहार नहीं, बल्कि विविधता का उत्सव है।”
ऑस्ट्रेलिया में विश्वविद्यालय परिसरों में आयोजित होली समारोहों में भारतीय छात्रों के साथ-साथ अन्य देशों के छात्र भी शामिल हुए। सुरक्षा के लिहाज से आयोजनों में प्रवेश नियंत्रित रखा गया।
वैश्विक तनाव की पृष्ठभूमि
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस समय कई क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियां और राजनीतिक टकराव चर्चा में हैं। हालांकि किसी आधिकारिक वैश्विक युद्ध की घोषणा नहीं हुई है, परंतु विशेषज्ञों का मानना है कि महाशक्तियों के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक माहौल को संवेदनशील बना दिया है।
ऐसे समय में होली जैसे उत्सवों का शांतिपूर्ण आयोजन प्रतीकात्मक महत्व रखता है। कई देशों में भारतीय दूतावासों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से “एकता और संवाद” का संदेश दिया।
सुरक्षा और सतर्कता
दुनिया के अधिकांश बड़े शहरों में होली आयोजनों के दौरान स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई। पुलिस की मौजूदगी, प्रवेश जांच और भीड़ प्रबंधन के विशेष उपाय किए गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य हो गया है, खासकर जब अंतरराष्ट्रीय हालात अस्थिर हों।
निष्कर्ष
जब दुनिया अनिश्चितताओं से गुजर रही हो, तब रंगों का यह उत्सव केवल परंपरा नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक राहत और सामाजिक एकता का माध्यम बन जाता है।
अमेरिका से लेकर ब्रिटेन, खाड़ी देशों से लेकर ऑस्ट्रेलिया और कनाडा तक, होली ने यह संदेश दिया कि सांस्कृतिक विरासत सीमाओं से परे जाती है।
वैश्विक तनाव के बीच भी आज दुनिया के कई कोनों में लोगों ने रंगों के साथ यह जताया कि उम्मीद और मेलजोल की भावना अभी जीवित है। होली ने एक बार फिर साबित किया कि विविधता और संवाद, संघर्ष से कहीं अधिक स्थायी शक्ति रखते हैं।
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