नॉर्थ ईस्ट में बढ़ता अपराध: असम में करोड़ों की हेरोइन जब्त, मेघालय हत्या कांड में गिरफ्तारियां, मणिपुर धमाका मामले में बड़ा खुलासा

गुवाहाटी/शिलांग/इंफाल | 8 मार्च 2026

नॉर्थ ईस्ट भारत में हाल के दिनों में कई गंभीर आपराधिक घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें ड्रग तस्करी, हत्या और हिंसा से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ इन घटनाओं की जांच में जुटी हुई हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।

सबसे ताज़ा मामले में असम के कछार जिले में पुलिस और असम राइफल्स ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया। सिलचर-कलैन रोड पर की गई इस कार्रवाई में करीब 3.2 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद की गई और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े पाँच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार यह मादक पदार्थ अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है और इसके पीछे बड़े गिरोह के होने की आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन से इलाके में फैल रहे नशे के कारोबार को बड़ा झटका लगा है।

वहीं मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स जिले में एक सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि पीड़ित पर कुछ लोगों ने हमला किया था जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। राज्य सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

इसी तरह मणिपुर में एक पेट्रोल पंप विस्फोट से जुड़े मामले में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान उग्रवादी संगठन से जुड़े एक कैडर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह हमला क्षेत्र में दहशत फैलाने के उद्देश्य से किया गया था। सुरक्षा एजेंसियाँ अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही हैं और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की और हिंसा को रोका जा सके।

इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों में अवैध खनन, सीमा पार अपराध और हिंसा से जुड़े मामलों की भी जांच चल रही है। हाल ही में मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स में अवैध खनन से जुड़े मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियाँ न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा हैं बल्कि स्थानीय पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नॉर्थ ईस्ट भारत भौगोलिक रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ा होने के कारण ड्रग तस्करी, हथियारों की अवैध आवाजाही और संगठित अपराध का संवेदनशील क्षेत्र बन जाता है। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार संयुक्त अभियान चलाकर इन नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें ताकि अपराध पर नियंत्रण पाया जा सके और क्षेत्र में शांति तथा सुरक्षा बनाए रखी जा सके।

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