प्रशासन का दावा है कि हाजी इकबाल के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन पर अवैध खनन, धोखाधड़ी, जमीन कब्जा और अन्य आर्थिक अपराधों के आरोप लगे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं और वह फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
कार्रवाई के तहत संबंधित संपत्तियों को प्रशासनिक नियंत्रण में ले लिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड अपडेट किया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी जांच जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर अन्य संपत्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि अपराध से अर्जित संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में इसी नीति के तहत कई कथित माफियाओं और अपराध से जुड़े लोगों की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है। सरकार का कहना है कि ऐसे कदमों से संगठित अपराध की आर्थिक ताकत को कमजोर किया जा सकता है।
इस पूरी कार्रवाई को कानून व्यवस्था के मोर्चे पर एक अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।
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