रिपोर्ट: सिटी न्यूज़ 24 डेस्क | citynews24.org
अमेरिकी करोड़पति फाइनेंसर जेफ्री एप्सटीन से जुड़े सेक्स तस्करी कांड में हाल ही में सार्वजनिक हुए अदालती दस्तावेजों ने दुनिया भर में सनसनी फैला दी है। इन फाइलों में 150 से अधिक प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें राजनेता, कारोबारी और शाही परिवार से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं। इन खुलासों ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि इतना बड़ा अपराध वर्षों तक कैसे चलता रहा।
जांच रिपोर्टों के मुताबिक एप्सटीन ने अमेरिका, कैरेबियाई द्वीपों, लंदन और पेरिस में बने अपने आलीशान ठिकानों पर सैकड़ों नाबालिग लड़कियों का शोषण किया। पीड़िताओं को मसाज, नौकरी और मॉडलिंग के नाम पर बुलाया जाता था, फिर उन्हें डर और पैसों के लालच में फंसा कर यौन शोषण किया जाता था। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि एप्सटीन गुप्त वीडियो बनाता था, जिनसे वह ताकतवर लोगों को ब्लैकमेल करता था।
इस नेटवर्क में एप्सटीन की करीबी सहयोगी गिसलेन मैक्सवेल की भूमिका सबसे अहम मानी गई। अदालत ने उसे नाबालिग लड़कियों की भर्ती और शोषण में दोषी मानते हुए 2022 में 20 साल की सजा सुनाई। बावजूद इसके मैक्सवेल अब भी खुद को निर्दोष बताती है।
2005 में पहली शिकायत मिलने के बाद भी एप्सटीन को राजनीतिक और आर्थिक रसूख के कारण लगभग राहत मिलती रही। 2019 में दोबारा गिरफ्तारी के बाद उसने जेल में आत्महत्या कर ली, जिससे कई राज दफन हो गए। पीड़िता वर्जीनिया ज्यूफ्रे का कहना है कि यह केवल एक आदमी की नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में चल रहे पूरे तंत्र की कहानी है।
नए दस्तावेजों के सामने आने से कई मशहूर हस्तियों पर नैतिक और कानूनी दबाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह मामला बताता है कि ताकत और दौलत के पीछे छिपे अपराधों से लड़ाई अभी बाकी है।
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