विशेष रिपोर्ट: बरेली में नाबालिग छात्रा से सामूहिक षडयंत्र और दुष्कर्म, सहेलियों समेत पूरा परिवार नामजद

 

स्थान: नवाबगंज, बरेली (उत्तर प्रदेश) दिनांक: 18 फरवरी, 2026

उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र में रिश्तों और भरोसे को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ कक्षा 10 में पढ़ने वाली एक 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ उसकी ही दो सहेलियों ने विश्वासघात किया, जिसके बाद उनके भाई ने छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी सहित उसकी दो बहनों और माता-पिता के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

घटना का घटनाक्रम: भरोसे की आड़ में अपराध

प्राप्त जानकारी और पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता और आरोपी पक्ष की दोनों लड़कियां एक ही स्कूल में कक्षा 10 की छात्राएं हैं और आपस में गहरी सहेलियां थीं।

  1. बुलावा और नशीला पदार्थ: आरोप है कि कुछ दिन पहले दोनों सहेलियाँ पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गईं। वहाँ उसे खाने की किसी वस्तु में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया गया।
  2. दुष्कर्म और वीडियो: छात्रा के बेहोश होने के बाद, सहेलियों के भाई, जिसकी पहचान अनस के रूप में हुई है, ने उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने इस घिनौने कृत्य का वीडियो भी बना लिया।
  3. ब्लैकमेलिंग का खेल: होश में आने पर जब पीड़िता ने विरोध किया, तो उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपी ने वीडियो सार्वजनिक करने का डर दिखाकर उसे चुप रहने पर मजबूर किया।

परिवार की तलाश और पुलिस की कार्रवाई

जब छात्रा काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो उसके परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बताया जा रहा है कि पकड़े जाने के डर से आरोपी पक्ष के लोग पीड़िता को बेसुध हालत में उसके घर के बाहर छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता की हालत देखकर परिजनों के होश उड़ गए, जिसके बाद उसने आपबीती सुनाई।

पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। नवाबगंज थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी अनस, उसकी दोनों बहनों, और उनके माता-पिता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस का पक्ष और वर्तमान स्थिति

बरेली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में "साजिश रचने" और "अपराध को संरक्षण देने" के आरोप में पूरे परिवार को नामजद किया गया है क्योंकि सहेलियों ने न केवल पीड़िता को जाल में फँसाया, बल्कि उनके माता-पिता पर भी इस कृत्य को छुपाने और सहयोग करने का संदेह है।

  1. पीड़िता की स्थिति: छात्रा को चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) के लिए भेजा गया है।
  2. आरोपियों की तलाश: पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल सतर्क है।

सामाजिक निहितार्थ

यह घटना किशोरों के बीच बढ़ते अपराध और डिजिटल माध्यमों (वीडियो बनाना) के दुरुपयोग का एक भयानक उदाहरण है। स्कूल जाने वाली सहेलियों का इस तरह के अपराध में शामिल होना समाज की नैतिक गिरावट की ओर इशारा करता है।

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