1. Union Budget 2026 में बड़ी कृषि पहलें
भारत
सरकार ने Union Budget 2026–27 के
तहत कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण
और ऐतिहासिक घोषणाएँ की हैं जिनका
लक्ष्य खेती को तकनीकी,
आर्थिक
और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक दिशा में बदलना है।
AI-Driven Agriculture Tool —
‘Bharat Vistaar’
केंद्रीय
वित्त मंत्री निर्मला
सीतारमण
ने बजट भाषण में ‘Bharat Vistaar’ नामक multilingual
AI तकनीक
मंच लॉन्च करने की घोषणा की
है। यह प्लेटफॉर्म:
विशेषज्ञों
का मानना है कि यह
पहल डिजिटल
कृषि
क्रांति
की दिशा में एक बड़ा कदम
है, खासकर छोटे और सीमांत किसानों
को लक्षित कर।
High-Value Crops और वैश्विक ब्रांड लक्ष्य
बजट
में हाई-वैल्यू (अधिक मूल्य वाली) फसलों जैसे नारियल,
कोको,
काजू,
चंदन
आदि
को बढ़ावा देने की योजना भी
रखी गई है। इसका
उद्देश्य:
इन पहलों से ग्रामीण रोजगार और किसानों की आय को बढ़ाने का बड़ा अवसर मिलेगा।
2. किसानों
के लिए सम्मान और मान्यता
पद्म पुरस्कार 2026 में कृषि वैज्ञानिकों का सम्मान
यह कदम सिर्फ सम्मान नहीं है, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को प्रेरित करने का भी एक बड़ा संदेश है।
3. कृषि
उत्पादन
और नुकसान की चुनौतियाँ
सोयाबीन उत्पादन में गिरावट
इस तरह की गिरावट को ध्यान में रखते हुए सरकार कृषि-प्रशासनिक उपाय और सहायक कार्यक्रमों को विकसित कर रही है।
4. कृषि
नीति
और बजट में अन्य मांगें
कीटनाशक आयात शुल्क में कटौती की मांग
एग्रो
केम फेडरेशन ऑफ इंडिया (ACFI) ने
केंद्र सरकार से कीटनाशकों
पर आयात शुल्क को 5% तक कम करने की मांग की
है ताकि कीटनाशक
लागत
घटे
और किसानों को सस्ता इनपुट मिले।
यह मांग उठाई गई है कि कृषि इनपुट्स की लागत कम करने से खेतों की उत्पादन लागत भी कम हो सकती है, जिससे व्यवसायी-स्तर पर भी कृषि लाभ अधिक होगा।
5. कृषि
में
तकनीकी
नवाचार
और आत्मनिर्भरता
AI एवं Precision Agriculture की दिशा
आने
वाले वर्षों में भारत में डिजिटल
कृषि,
डेटा-संचालित सुझाव, एमएल (मशीन लर्निंग) आधारित समाधान और उद्यमियों द्वारा
विकसित कृषि तकनीकें विकसित हो रही हैं।
ये तकनीकें खेत-स्तर पर निर्णय-निर्माण
में मदद करेंगी, जैसे:
साथ ही, ड्रोन, IoT सेंसर, GIS आधारित खेती जैसी तकनीकों से उत्पादन तथा संसाधन प्रबंधन अधिक कुशल होगा।
6. सरकार
की वित्तीय प्रतिबद्धता और समर्थन
सरकार
ने कृषि क्षेत्र के लिए बजट
में कुल ₹1.32 लाख करोड़ का
प्रावधान किया है, जिसमें:
यह निवेश कृषि उत्पादकता बढ़ाने, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में है।
7. कृषि
अनुसंधान
और उन्नत फसल किस्में
ऐसी किस्में कृषि-संकटों से निपटने के लिए कल्याणकारी भूमिका निभाती हैं और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देती हैं।
8. कृषि
क्षेत्र
की चुनौतियाँ और भविष्य की राह
हालांकि
कई सकारात्मक
नीति
कदम
उठाए गए हैं, कृषि
क्षेत्र अभी भी अनेक चुनौतियों का सामना कर
रहा है:
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि के लिए डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, अनुसंधान-आधारित निर्णय, जलवायु-सक्षम तकनीक और बाजार-संपर्क तंत्र पर और अधिक ध्यान देना आवश्यक है।
निष्कर्ष
— 2026 में
भारत
की कृषि की स्थिति
भारत में कृषि अब सिर्फ पारंपरिक खेती नहीं रह गई है — यह अब डिजिटल, डेटा-समर्थित और वैश्विक प्रतिस्पर्धा-योग्य कृषि की दिशा में अग्रसर है।
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