"दिल्ली के मुखर्जी नगर में मौसी ने 2 साल के भांजे का गला घोंटकर हत्या की"

 

नई दिल्ली से — राजधानी दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में शुक्रवार दोपहर एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, यहाँ एक लगभग 2 साल (1 वर्ष 9 माह) के मासूम बच्चे की घातक हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की शुरुआत तब हुई जब आसपास के लोगों ने पार्क में चीख‑पुकार सुनी और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।

पुलिस को सूचना मिली कि एसएफएस फ्लैट्स के पास स्थित पार्क में एक महिला अपने भांजे को गले से दबाते हुए दिखाई दी। स्थानीय लोगों और पार्क के एक माली ने तुरंत बीच में आकर बच्चे को महिला की पकड़ से छुड़ाने की कोशिश की और उसे पास के न्यू लाइफ अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि बच्चे की पहचान “हादी” के नाम से हुई है, जो अपने पिता आदिल और मां उजमा के साथ पुराना सीलमपुर में रहता था। बच्चे की मां अपने बेटे के साथ रामज़ान के महीने में ननिहाल (मायके) आयी हुई थी जब यह दुखद घटना घटी।

पुलिस के अनुसार हादी का 30 वर्षीय मातृ पक्ष की महिला — आजरा — आरोपी पाई गई। उस पर आरोप है कि उसने पार्क में बच्चे का गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना के बाद महिला बस वहीं पार्क में बैठी दिखाई दी, और उसके पास मृत बच्चे का शव गोद में पड़ा था, जिससे आसपास के लोग हैंरत में पड़ गए। यह नज़ारा कई लोगों ने बहुत भयावह बताया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क में मौजूद एक माली, राहुल नामक व्यक्ति ने जब शोर सुना तो तुरंत दौड़कर देखा कि महिला बच्चे का गला दबा रही है। उन्होंने तत्काल अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर महिला को रोका और बच्चा को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास नाकाफी साबित हुआ। घटना के बाद पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया। वर्तमान में पुलिस उसके बयान दर्ज करने से पहले उसकी चिकित्सा और मानसिक स्थिति की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी महिला डिप्रेशन के लक्षण दिखा रही थी, और परिवार के कुछ सदस्यों ने पुलिस को बताया कि उसके पास मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ भी थीं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उसने ऐसा कदम किस कारण उठाया — क्या यह मानसिक दबाव का नतीजा था, या कोई और विवाद भी था, यह पूछताछ के बाद साफ़ होगा। पुलिस अफ़सर इस पर विस्तृत जांच कर रहे हैं और महिला से बयान लेने की तैयारी कर रहे हैं जब वह पूछताछ के लिए फिट हो जाएगी।

घटना के बाद अपराध शाखा, पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल भेज दिया गया है, जहां से विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। परिवार के सदस्यों, खासकर मृतक बच्चे के माता‑पिता से भी पुलिस बातचीत कर रही है ताकि घटना के पीछे के सभी पहलुओं को समझा जा सके।

यह मामला एक साधारण पार्क में खेलते हुए होने वाली घटना नहीं रहा; बल्कि यह घरेलू हिंसा और परिवार के भीतर गहन मानसिक स्वास्थ्य संकट की ओर संकेत करता है, जिसने एक मासूम की जान ले ली। स्थानीय लोग और पड़ोसियों ने ऐसे मामलों के खिलाफ सख्त सामाजिक जागरूकता की भी आवश्यकता जताई है, जिससे भविष्य में इस तरह की त्रासदियाँ रोकने में मदद मिल सके।

यह घटना दिल्ली पुलिस के लिए भी चुनौती साबित हो रही है, और इसे लेकर पूरे उत्तर‑पश्चिम दिल्ली पुलिस आयुक्तालय ने जांच को प्राथमिकता दी है। आगे की पूछताछ, महिला के मानसिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड और विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ही न्यायिक कार्रवाई आगे बढ़ेगी। 

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