बारामती, महाराष्ट्र (29 जनवरी 2026)महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजनीतिक नेता अजीत अनंतराव पवार का अंतिम संस्कार आज उनके गृह नगर बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। यह अंतिम संस्कार केवल एक विदाई नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक भावनात्मक क्षण रहा, जहाँ जनसैलाब और शक्तिसंतुलन की राजनीति दोनों नजर आए।

पार्टी पर लिपटा उनका पार्थिव शरीर सुबह से ही हजारों लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, जिनमें राजनीति, प्रशासन, समाज और आम नागरिकों का उमड़ा जनसैलाब दिखाई दिया। पर्वतीय संगीत नहीं, बल्किअजित दादा अमर रहेऔरप्यार दादा प्यार दादाजैसे नारों के बीच लोगों की नम आंखों ने माहौल को भारी भावुकता दी।

दु:खद पृष्ठभूमि: विमान हादसा जिसने राज्य को सदमे में डाला

28 जनवरी की सुबह एक दुर्भाग्यपूर्ण विमान दुर्घटना में पवार और चार अन्य सवारियों की मृत्यु ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया। चार्टर्ड विमान बारामती हवाई पट्टी के पास लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पवार के अलावा विमान के कैप्टन, सहपायलट, निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) और एक फ्लाइट अटेंडेंट भी मारे गए।

उनके असामयिक निधन ने केवल राजनीतिक समीकरणों को बदल दिया है, बल्कि राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजनीति में भी भारी प्रभाव डाला है। मृतक नेताओं के लिए तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया।

अंतिम संस्कार की समयरेखा और विधि

आज सुबह 9 बजे से ही बारामती के मुख्य मार्गों पर मानव सैलाब देखा गया, जहाँ लोग अपने नेता को अंतिम दर्शन देने लगे। स्थानिय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर रखी थी, और पुलिस तथा बीएसएफ के जवान बड़े पैमाने पर तैनात रहे। शव को सुबह मंदिर पूजा के साथ विद्या प्रतिष्ठान मैदान में रखा गया, जहाँ सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार विधि शुरू हुई।

अंतिम संस्कार के मुख्य क्षण में उनके दोनों बेटेपार्थ पवार और जय पवार ने पारंपरिक भारतीय रीति अनुसार मुखाग्नि दी और पिता को पंचतत्व में विलीन किया।

परिवार और निजी शोक

अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार, जो स्वयं राज्यसभा सदस्य हैं, अंत तक शोकपूर्ण भाव से खोए दिखाई दीं। उनके बेटे पार्थ और जय ने विपरीत परिस्थितियों में अपने पिता को अंतिम सलामी दीएक दृश्य जिसने उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। उनके करीबी रिश्तेदारों में भतीजा रोहित पवार और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

उनके अंतिम संस्कार में शोकाकूल परिवार के अलावा NCP से जुड़े समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। लोग फूल, तस्वीरें और पुष्पांजलि लेकर अपने नेता को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे।

बड़ी हस्तियों की उपस्थिति

राज्य के प्रमुख नेताओं के अतिरिक्त, कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर की हस्तियों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया और पवार को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की:

केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता

  • 🇮🇳 केंद्रीय गृह मंत्रीअमित शाह
  • 🇮🇳 महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रीदेवेन्द्र फडणवीस
  • 🇮🇳 महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्रीएकनाथ शिंदे
  • 🇮🇳 केंद्रीय मंत्रीनितिन गडकरी
  • 🇮🇳 केंद्रीय मंत्रीरामदास आथवाले
  • 🇧🇷 भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्षनितिन नाबिन
  • 🇮🇳 वरिष्ठ कांग्रेस नेतासुशील कुमार शिंदे
  • 🇮🇳 गोवा के मुख्यमंत्रीप्रमोद सावंत
  • 🇮🇳 आंध्र प्रदेश के मंत्रीनारा लोकेश

इन सभी नेताओं ने पुष्पांजलि चढ़ाई और पवार के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया।

पार्टी और पारिवारिक नेता

  • 🌼 शरद पवारएनसीपी (SP) प्रमुख और उनके परिवार के वरिष्ठ
  • 👩‍⚖️ सुप्रिया सुळेसांसद और बरामती से पवार की करीबी रिश्तेदार
  • 🏛️ प्रफुल पटेलएनसीपी कार्यकारी अध्यक्ष
  • 🎬 ऋतिष देशमुखअभिनेता, जिन्होंने पवार के प्रति सम्मान जताया
  • 🎗️ यहाँ तक कि कई अन्य वरिष्ठ नेताओं और राज्य के सांसद एवं विधायक भी मौजूद रहे।

जनता की भावनाएँ और राजनीतिक असर

बारामती के मैदान में हजारों लोग आए, जिन्होंने अकेले नेतृत्व या राजनीति के कारण नहीं, बल्कि पवार के जनहित और लोकसंपर्क के कारण भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। समर्थक नेताओं के सामने ही भावुक रूप से रोते दिखे, और लोगों ने कई बार नारे लगाकर उनकी यादों को ताजा किया।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पवार की मृत्यु से राज्य सरकार और बीजेपी‑NCP गठबंधन को आगामी दिनों में रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उनके नेतृत्व के बिना पार्टी को नई दिशा और उत्तराधिकारी चुनने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता हैखासकर विधानसभा चुनावों और राजनीतिक समीकरणों में।

अंतिम संस्कार के बाद के कार्यक्रम और सम्मान

अंतिम संस्कार के बाद स्थानीय प्रशासन ने घोषणा की है कि पवार के नाम पर मेमोरियल (स्मारक) बनाया जाएगा, ताकि भविष्य के पीढ़ियों को उनके कार्यों और भावनाओं की याद बनी रहे। पुलिस तथा अधिकारियों द्वारा ADR (Accidental Death Report) दायर किया गया है और विमान दुर्घटना की जांच जारी है।

बारामती में आज से तीन दिन के राज्यस्तरीय शोक का पालन किया जाएगा, और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शोक की झलक अवश्य दिखाई देगी।

निष्कर्ष: विदाई से विरासत तक

आज का दिन केवल एक अंतिम संस्कार नहीं थायह एक बड़े नेता के जीवन, संघर्ष, राजनीतिक यात्रा और जनता के साथ उनके भावनात्मक बंधन की अंतिम कहानी भी थी। अजीत पवार आज पंचतत्व में विलीन हो गए, लेकिन उनके कार्यों और संगठनों के कारण वे राजनीति के इतिहास और जनता की यादों में लंबे समय तक जीवित रहेंगे।